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लेखनी कहानी -03-Jan-2023

कविता:धन्य धन्य सावित्रीमाई फुले।
आज जहाँ पर खड़े है हम
यह तेरी बदौलत है सारी
वर्ना चूल्हे तक ही सीमित
रहती भारतीय नारी।

शिक्षा पाकर हमने आज
मुकाम किया है खड़ा
इस खुशियाली के जीवन मे
माँ सावित्रि का हाथ है सबसे बड़ा।

अगर कल तू संघर्ष न करती
तो आज मिलते नही यह दिन
जिंदगी हमारी सँवरती नही
माँ सावित्री के बिन।

बड़े बड़े पदोंपर आज
चारो और है नारीशक्ति
माँ सावित्री से ही मिली है
सही आज़ादी और मुक्ति।

अगर कल तू न रखती
पढ़ने की थोड़ी भी चाह
तो आज हमें यूँ न मिलती
प्रगती की यह सारी राह।

माँ सावित्री तुम्हारे कारण ही
हमे दिन अच्छे देखने को मिले
हमारे लिए कितने कष्ट उठाए
धन्य धन्य तू माँ सावित्रीबाई फुले।

-अभिलाषा देशपांडे

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3 Comments

Sachin dev

04-Jan-2023 04:30 PM

Amazing

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Raziya bano

04-Jan-2023 11:05 AM

Nice

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Gunjan Kamal

03-Jan-2023 11:18 PM

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति 🙏🏻🙏🏻

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